प्रधानमंत्री को ‘नीच’ कहना भारतीय राजनीति के गिरते स्तर को दर्शाता है
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने आज प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए सारी मर्यादा लांघ दी और कुछ ऐसा बोल गए जिससे भारतीय राजनीति भी शर्मिंदा हुई होगी। अय्यर ने पीएम मोदी को ‘नीच’ और ‘‘असभ्य’ इंसान कह दिया। राजनीति में एक दूसरे के उपर कीचड़ उछालना आम बात है लेकिन शायद हम भूल जाते है की कीचड़ हमारे दामन में भी दाग लगा सकती है । एक संवेधानिक पद पर बैठा व्यक्ति जो हमारे देश का प्रतिनिधित्व करता है उसके बारे में ऐसी भाषा का उपयोग बिल्कुल अशोभनीय है। यह पहला मौका नहीं है जब अय्यर ने पीएम मोदी के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। इसके पहले 2014 में लोकसभा चुनावों के दौरान अय्यर ने मोदी को ‘चायवाला’ बताया था।
दरअसल नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर के उद्घाटन मौके पर कहा की , “बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के जाने के बरसों बाद तक राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को मिटाने के प्रयास किए जाते रहे लेकिन जिस ‘परिवार’ के लिए ये सब किया गया, उस परिवार से कहीं ज्यादा लोग आज बाबा साहेब से प्रभावित हैं।”इस मौके पर राहुल गाँधी पर तंज करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा की , “जो राजनीतिक दल बाबा साहब का नाम लेकर राजनीति करते हैं, उन्हें अब बाबा साहब नहीं, बाबा भोले ज्यादा याद आ रहे हैं।”
पीएम मोदी के इस टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर सारी मर्यादा लांघते हुए कहा “अंबेडकर जी की सबसे बड़ी ख्वाहिश थी, उसको साकार करने का एक व्यक्ति का सबसे बड़ा योगदान था, उनका नाम था जवाहर लाल नेहरू। अब उस परिवार के बारे में ऐसी गंदी बातें कहें वो भी तब जब अंबेडकर जी के नाम पर एक इमारत का उद्घाटन हो तो मुझको लगता है कि यह आदमी बहुत नीच किस्म का आदमी है। इसमें कोई सभ्यता नहीं है और ऐसे पर इस किस्म की गंदी राजनीति करने की क्या आवश्यकता है।”
#WATCH: "Ye aadmi bahut neech kisam ka aadmi hai, is mein koi sabhyata nahi hai, aur aise mauke par is kisam ki gandi rajniti karne ki kya avashyakta hai?: Congress' Mani Shankar Aiyar on PM Modi pic.twitter.com/sNXeo6a1Gi
— ANI (@ANI) December 7, 2017
पीएम मोदी ने गुजरात के सूरत में आयोजित अपनी चुनावी रैली में कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि , “आप सभी ने मुझे एक मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में देखा है । क्या मैंने कोई शर्मनाक काम किया है? जो वे मुझे ‘नीच’ कह रहे हैं? क्या मैं नीच काम करता हूं? क्या मैं ऊंच नीच में भेद करता हूं? मैं नीच जाति से हो सकता हूं लेकिन मैंने काम ऊंचे किए हैं। “
राहुल गांधी ने ट्वीट कर मणिशंकर अय्यर को माफ़ी मांगने को कहा:
अय्यर के बयान पर मचे राजनीतिक घमासान के बीच राहुल गांधी ने ट्वीट कर मणिशंकर अय्यर को पीएम मोदी से माफ़ी मांगने को कहा । राहुल ने लिखा ,” भाजपा और PM ने कांग्रेस पर हमला करते हुए अक्सर अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। कांग्रेस की संस्कृति और विरासत अलग है। श्री मणिशंकर अय्यर ने भारत के प्रधानमंत्री के लिए जिस लहजे और भाषा का प्रयोग किया है वह गलत है। कांग्रेस और मैं चाहते हैं कि वो अपने बयान के लिए माफ़ी मांगे।“
भाजपा और PM ने कांग्रेस पर हमला करते हुए अक्सर अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। कांग्रेस की संस्कृति और विरासत अलग है। श्री मणिशंकर अय्यर ने भारत के प्रधानमंत्री के लिए जिस लहजे और भाषा का प्रयोग किया है वह गलत है। कांग्रेस और मैं चाहते हैं कि वो अपने बयान के लिए माफ़ी मांगे।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 7, 2017
राहुल के ट्वीट के बाद अय्यर ने माफी मांगी
अय्यर साहब ने पार्टी के होने वाले अध्यक्ष की बातो का मन रखते हुए माफ़ी भी मांगी लेकिन शायद जब तक बहुत देर हो गई थी।कांग्रेस के साथी तक ने अय्यर की बयान की निंदा की । RJD अध्यक्ष लालू यादव ने यहाँ तक कह दिया की ,’ मणिशंकर अय्यर दिमागी रूप से सही नहीं है।’
अय्यर ने माफ़ी मांगते हुए कहा कि , “मैं अंग्रेजी में सोचता हूं। हिंदी मेरी मातृभाषा नहीं है। अंग्रेजी में Low शब्द सोचकर हिंदी में नीच शब्द का इस्तेमाल किया था। अगर हिंदी में लो का मतलब ‘लो बॉर्न’ (नीची जाति में जन्म लेने वाला) होता है तो वह माफी मांगते हैं। जो मायना मोदी जी निकाल रहे हैं उससे मेरा कोई सरोकार नहीं है।”
2007 के चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी को मौत का सौदागर कहा था और इसका खामियाजा कांग्रेस को चुनाव हार कर चुकाना पढ़ा था। यह तो 18 दिसंबर को की पता चलेगा की मणिशंकर अय्यर के बयान ने गुजरात चुनाव में कांग्रेस के प्रति बन रहे माहौल को कितना झटका पंहुचाया है।मणिशंकर अय्यर के ‘चायवाला’ बयान ने मोदी जी को प्रधानमंत्री बनने में मदद की और शायद मोदी को ‘नीच’ कह कर अय्यर ने बीजेपी को गुजरात चुनाव जीत का मंत्र भी दे दिया है। लेकिन सवाल तो अभी भी एक उठता है भारतीय राजनीती किस और और जा रही है और दिनोदिन इसका स्तर और गिरता क्यों जा रहा है?



